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Saturday, December 3, 2022

कंपनी प्रबंधन की भूमिका पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने उठाया सवाल

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भ्रष्टाचार के आरोप में कंपनी के तीन अधिकारियों का हुआ है नौकरी से निष्कासन

रेणुकूट/संसद वाणी

हिण्डाल्को संस्थान में कार्यरत तीन अधिकारियों पर नौकरी से निष्कासन की कार्रवाई पर स्थानीय नगर पंचायत अध्यक्ष निशा सिंह ने सवाल उठाया है। पोस्टर के जरिए दिए संदेश में अध्यक्षा ने प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। नगर पंचायत अध्यक्ष के अनुसार हिंडालको संस्थान के अन्तर्गत एल्युमिना प्लांट के वाइस प्रेसिडेंट एजीएम सहित इलेक्ट्रिकल रिपेयर शॉप के मैनेजर पर भ्रष्टाचार के आरोप में प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से निकाल दिया। लिखा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को लेकर प्रबंधन की यह कार्रवाई बहुत हद तक ठीक है लेकिन ऐसे मामलों में इनकी दोहरी नीति श्रमिकों में असंतोष पैदा कर रहा है। मजदूरों पर हो रहे शोषण पर प्रबंधन चुप्पी साधे हुआ है। कारखाने से संबद्ध मजदूर यूनियन के नेता खुलेआम भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। कंपनी द्वारा मान्यता प्राप्त यूनियनों के नेताओं द्वारा मजबूर लाचार मजदूरों से एक प्लांट से दूसरे प्लांट में ट्रांसफर करवाने, युवाओं को नौकरी दिलवाने के नाम पर एक से डेढ़ लाख रुपए लिया जाता है। नौकरी व ट्रांसफर न हो पाने की दशा में जब लोग अपना पैसा वापस मांगते हैं तो यूनियन के नेता कंपनी के बड़े अधिकारियों का नाम लेकर उल्टे ही पीड़ित पर कार्यवाही कराने व नौकरी से निकलवाने की धमकी देते हैं। नौकरी ट्रांसफर ठेकेदारी हर जगह यूनियन के नेताओं का दावेदारी बना हुआ है। नौकरी ट्रांसफर से जुड़ा भ्रष्टाचार का मामला स्थानीय पुलिस चौकी व थाने में पहुंचता है तो यूनियन नेताओं द्वारा मजदूरों को डरा धमका कर समझौता का दबाव बनाया जाता है। यूनियन के नेता मजदूरों का गला घोट रहे हैं। इन नेताओं की अगुवाई में संविदा श्रमिकों के अधिकारों को लेकर पंचवर्षीय समझौता सन् 2010 में हुआ था। उसी आधार पर संविदा श्रमिकों की पावनाओं का भुगतान आज भी हो रहा है। एक वर्ष पूर्व संविदा श्रमिकों की समस्याओं को लेकर मेरे द्वारा 18 सूत्रीय मांग पत्र दिया गया था जिस पर अभी तक कोई विचार नहीं किया गया। श्रमिक यूनियन के नेताओं की कारगुजारी का मामला आए दिन उजागर होता रहता है। इसके बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं किया जाता है। अध्यक्ष निशा सिंह ने हिंडालको रेणुकूट के सीओओ एवं एचआर प्रमुख से भ्रष्ट नेताओं पर कड़ी कार्रवाई का मांग किया है। कंपनी का पक्ष जानने के लिए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी यशवंत कुमार को फोन किया गया लेकिन उनका मोबाइल नहीं रिसीव हुआ।

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जीरो टॉलरेंस की नीति से कोई समझौता नहीं

रेणुकूट। भ्रष्टाचार को लेकर संस्थान हमेशा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता रहा है। कंपनी के सीओओ एन नागेश और मानव संसाधन प्रमुख जसवीर सिंह बेहद ईमानदार व बेदाग अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। बताया जा रहा है कि एक कंस्ट्रक्शन कंपनी और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हुए भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद एचआर विभाग ने तत्काल कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी तीनों अधिकारियों को संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया। सूत्र बता रहे हैं कि एचआर हेड के दिशा निर्देशन में इस मामले की गहन जांच चल रही है जिसमें अभी आधा दर्जन संदिग्ध भूमिका वाले कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। भ्रष्टाचार के आरोपी तीनों अधिकारियों पर हुए कार्यवाही से संस्थान में हड़कंप मचा हुआ है।

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