2 C
Munich
Thursday, December 1, 2022

प्रसव संबंधी सुविधाओं के लिए वरदान साबित हो रहीं एफ़आरयू: सीएमओ

Must read

Advertisement
Advertisement
  • जनपद के सभी एफ़आरयू 24 घंटे सातों दिन दे रहे निःशुल्क सेवाएँ
  • पिछले दो माह में हुये 2,391 सामान्य और 1,208 सिजेरियन प्रसव

वाराणसी/संसद वाणी। जनपद की समस्त प्रथम संदर्भन इकाई (एफ़आरयू) प्रसव संबंधी सुविधाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं। यहाँ चिकित्सीय व स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। उपकेन्द्रों और स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रसव के लिए पहुँच रहीं प्रसूताओं को गंभीर स्थिति होने पर नजदीक के एफ़आरयू में भेजा जा रहा है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी का।

सीएमओ ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विभाग विविध प्रयास कर रहा है। इसके लिए जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, हर माह की नौ और 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस, गर्भवती के टीकाकारण आदि पर पूरा ज़ोर दिया जा रहा है। मातृ एवं शिशु मृत्यु होने निर्धारित प्रारूप के आधार पर आकलन किया जा रहा है। इससे मृत्यु होने के कारणों के बारे में जानकारी एकत्रित कर प्रभावी रणनीति और योजना बनाई जा सके और मृत्यु दर को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद में 10 एफ़आरयू 24 घंटे सातों दिन संचालित किए जा रहे हैं। तीन से चार माह पहले जनपद में सिर्फ पाँच एफ़आरयू यथा सीएचसी चोलापुर, सीएचसी अराजीलाइन, जिला महिला चिकित्सालय कबीरचौरा, एलबीएस चिकित्सालय रामनगर और बीएचयू संचालित किए जा रहे थे। प्रसव संबंधी सेवाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से पांच नवीन एफ़आरयू जैसे डीडीयू चिकित्सालय स्थित एमसीएच विंग, सीएचसी गंगापुर, सीएचसी हाथी बाजार, सीएचसी चौकाघाट और सीएचसी दुर्गाकुंड की शुरुआत की गई।

सीएमओ ने बताया कि प्रसव पूर्व जांच व देखभाल के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस, ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) एवं समस्त सरकारी चिकित्सालयों पर निःशुल्क व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जांच में उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) के रूप में चिन्हित हुईं महिलाओं पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है और काउन्सलिन्ग कर सुरक्षित प्रसव कराया जाता है।

एक नजर जनपद के आंकड़ों पर – सीएमओ ने बताया कि सामान्य प्रसव पर पूरा ज़ोर दिया जा रहा है लेकिन गंभीर स्थिति में सुरक्षित सिजेरियन प्रसव किया जा रहा है। एमसीएच विंग में सितंबर 2022 में 15 सामान्य व 30 सिजेरियन एवं अक्टूबर में 13 सामान्य और 18 सिजेरियन प्रसव हुये। जिला महिला चिकित्सालय में सितंबर 2022 में 483 सामान्य व 221 सिजेरियन एवं अक्टूबर में 142 सामान्य और 317 सिजेरियन प्रसव हुये। एलबीएस चिकित्सालय में सितंबर 2022 में 88 सामान्य व 10 सिजेरियन एवं अक्टूबर में 53 सामान्य और 8 सिजेरियन प्रसव हुये। बीएचयू में सितंबर 2022 में 406 सामान्य व 231 सिजेरियन एवं अक्टूबर में 383 सामान्य और 225 सिजेरियन प्रसव हुये। सीएचसी अराजीलाइन में सितंबर 2022 में 54 सामान्य व 8 सिजेरियन एवं अक्टूबर में 56 सामान्य और 8 सिजेरियन प्रसव हुये। सीएचसी चोलापुर में सितंबर 2022 में 172 सामान्य व 15 सिजेरियन एवं अक्टूबर में 161 सामान्य और 29 सिजेरियन प्रसव हुये। सीएचसी गंगापुर में सितंबर 2022 में 30 सामान्य व 8 सिजेरियन एवं अक्टूबर में 44 सामान्य और 13 सिजेरियन प्रसव हुये। सीएचसी हाथीबाजार में सितंबर 2022 में 50 एवं अक्टूबर में 44 सामान्य प्रसव हुये। सीएचसी चौकाघाट में सितंबर 2022 में 88 सामान्य व 11 सिजेरियन एवं अक्टूबर में 64 सामान्य और 15 सिजेरियन प्रसव हुये। सीएचसी दुर्गाकुंड में सितंबर 2022 में 23 सामान्य व 23 सिजेरियन एवं अक्टूबर में 22 सामान्य और 18 सिजेरियन प्रसव हुये। जनपद के सभी एफ़आरयू में सितंबर में 1409 सामान्य व 557 सिजेरियन प्रसव हुये तो वहीं अक्टूबर में 982 सामान्य और 651 सिजेरियन प्रसव हुये। इस तरह पिछले दो माह में 2,391 सामान्य और 1,208 सिजेरियन प्रसव हुये।

Advertisement
- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article