4.3 C
Munich
Friday, February 3, 2023

BJP एमएलसी ने कहा स्वामी प्रसाद मौर्य रामचरितमानस को बैन करने की मांग कर रहे, चुनाव में जनता ने उन्हें बैन कर दिया

Must read

अखिलेश यादव स्पष्ट करें क्या कार्यवाही करेंगे, योगी सरकार में कानून अपना काम करेगा

रिपोर्टर-राकेश वर्मा
आजमगढ़/संसद वाणी

आजमगढ़ में एमएलसी व समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्या के रामचरितमानस पर दिए गए विवादित बयान कि पूरे देश में तीखी आलोचना हो रही है। स्वामी प्रसाद के बयान से जहां समाजवादी पार्टी निजी बयान बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है वही भारतीय जनता पार्टी पूर्व मंत्री पर आक्रामक है। आज गोरखपुर फैजाबाद स्नातक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी देवेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन में आयोजित मतदाता सम्मेलन में पहुंचे बीजेपी एमएलसी सुभाष यदुवंश ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य रामचरितमानस को बैन करने की मांग कर रहे हैं जबकि पिछले चुनावों में जनता ने उन्हें हराकर बैन कर दिया है। कहा की असंसदीय भाषा का प्रयोग करने के कारण ही जनता ने उन्हें सदन नहीं भेजा लेकिन फिर भी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पिछले दरवाजे से एमएलसी बना दिया। ऐसे लोग आज सड़क पर इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं बाद में सदन में भी ऐसी ही भाषा का प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह भगवान राम और रामायण पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से सहमत हैं, अगर सहमत नहीं है तो क्या कार्रवाई कर रहे हैं? बीजेपी एमएलसी ने कहा कि जिस नेता को जनता ने जमींदोज कर दिया था उसे अखिलेश यादव ने सदन में भेजने का काम किया। कहा कि अखिलेश यादव कार्यवाही करें ना करें लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार में कानून अपना काम करेगा और जनता तो इन्हें पहले ही नकार चुकी है। बीजेपी एमएलसी ने खंड स्नातक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी देवेंद्र प्रताप सिंह की भारी मतों से जीत का दावा किया। कहा कि स्नातक मतदाता मोदी और योगी जी के कार्यों से प्रभावित होकर बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में ही मतदान करेंगे।

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article