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Thursday, December 1, 2022

सावधान: कहीं आस्तीन के सांप तो नहीं पाल रही हिण्डाल्को

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  • कंपनी के अंदरूनी मामले आ रहे बाहर, बन रहा है मुद्दा

रेणुकूट/संसद वाणी। एशिया की सबसे बड़ी एल्युमिनियम निर्माता कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड का ख्याति बढ़ाने में सीओओ एन नागेश और मानव संसाधन प्रमुख जसवीर सिंह दिन रात एक कर संस्थान और श्रमिकों के विकास के लिए ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठा रहे हैं इसके बावजूद संस्थान में हो रही छोटी मोटी चूक या घटना जिस तरह से यहां के कतिपय नेताओं पत्रकारों के लिए बड़ा मुद्दा बन जाता है तो कंपनी के इन अधिकारियों के ईमानदारी के प्रयास पर सवालिया निशान उठ खड़ा होता है आखिर ऐसा क्यों? कभी सोचा है आपने?

हाल के कुछ महीनों में जिस तरह से कंपनी के अंदरखाने की बात बाहर नेताओं के लिए मुद्दा बन जा रहा है और पत्रकारों के लिए समाचार। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि संस्थान के अंदर से बाहर मुखबिरी करने वाले आखिर संस्थान से ही जुड़े लोग होंगे तभी हर छोटी छोटी बातें बाहर आ रही हैं वही कथित नेताओं और कतिपय पत्रकारों के लिए मुद्दा बन जा रहा है। ऐसे में कंपनी प्रबंधन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। जिस तरह से एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के फर्जीवाड़े का मामला संस्थान से बाहर निकला। वह कंपनी से जुड़े लोगों पर ही सवाल खड़ा करता है। ताजा मामले के अनुसार एक कंस्ट्रक्शन कंपनी ने फर्जीवाड़ा कर बिना सामानों की सप्लाई के बड़े पैमाने पर बिलों का भुगतान करा लिया। इंटरनल ऑडिट में भारी गोलमाल की बात सामने आई। लेकिन जो बात संबंधित विभाग और एचआर तक रहना चाहिए था वह बाहर राजनीति और न्यूज़ का हिस्सा बना। एक सप्ताह पूर्व दीपावली के अवसर पर अधिकारियों कर्मचारियों को मिला फंफूदी वाला लड्डू सोशल मीडिया पर अब कंपनी की खूब किरकिरी करा रहा है। किस्सा यहीं खत्म नहीं होता है ऐसे मामलों की भरमार है जो संस्थान से बाहर निकल कर प्रबंधन के लिए सिरदर्द साबित होता है। बीते मामलों पर गौर करें तो वैल्यूज मंथ पर आयोजित कार्यक्रम हो या गेट टुगेदर व अन्य छोटे-बड़े कार्यक्रम जिसकी जानकारी बाहर निकल कर आ जाती है।

बड़ा सवाल यही है कि संस्थान का अंदरूनी मामला बिना किसी शिकायत बाहर निकलकर नेतागिरी का मुद्दा और न्यूज बन जाता है। इशारा साफ है कंपनी से ही जुड़े कुछ वेंडर अधिकारी और कर्मचारी ही जयचंद की भूमिका निभा रहे हैं जो बड़ी सफाई से कंपनी के विरोधियों से मिलकर मामले को तूल देते हैं। ऐसे में शीर्ष प्रबंधन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

  • कंपनी में ही छिपे हैं अपनों के भेष में गद्दार

संस्थान प्रबंधन को अपने संदिग्ध अधिकारियों कर्मचारियों पर नजर रखना चाहिए जो बाहरी नेताओं एवं विरोधियों के एजेंडे में उनका साथ दे रहे हैं। ऐसे कृत्य से सीओओ एवं एचआर हेड का छवि धूमिल हो रहा है। शीर्ष प्रबंधन को यूट्यूब वीडियोग्राफी और थ्रीडी फोटोग्राफी की चकाचौंध से बाहर आकर ऐसे संदिग्ध कर्मियों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई करने की जरूरत है जो संस्थान के धुर विरोधियों के साथ मिलकर औद्योगिक अशांति फैलाने की मंशा रखते हैं। प्रबंधन में बैठे अधिकारी बाहरी नेताओं के विरोध प्रदर्शन और प्रसारित हो रहे सोशल मीडिया के प्रत्येक समाचारों की टाइमिंग पर गौर करे तो कंपनी के कर्मियों की मिलीभगत का खुलासा हो सकता है।

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