August 9, 2022

बिजली महोत्सव एवं ऊर्जा दिवस कार्यक्रम सम्पन्न।

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आजमगढ़/संसद वाणी

आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत ऑडिटोरियम, राजकीय मेडिकल कालेज आजमगढ़ में आज अन्तिम दिन बिजली महोत्सव एवं ऊर्जा दिवस (25 जुलाई 2022 से 30 जुलाई 2022) के अवसर पर उज्जवल भारत, उज्जवल भविष्य पावर @2047 के रूप में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य महाप्रबन्धक एनटीपीसी टाण्डा श्री संजय कुमार सिंह, महाप्रबन्धक (मा0सं0) एनटीपीसी टाण्डा श्री एसएन पाणिग्राही, उप महाप्रबन्धक एनटीपीसी टाण्डा श्री परवेज खान द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर जनपद के राजा बेनी माधव सिंह, बोन्दू अहिर, कैप्टन मोहन सिंह, मुक्तिनाथ उपाध्याय, महापण्डित राहुल सांकृत्यायन, अयोध्या सिंह ‘हरिऔध’, आचार्य चन्द्रबली पाण्डेय, अल्लामा शिब्ली नोमानी, कैफी आजमी आदि को याद करते हुए कार्यक्रम को प्रारम्भ किया गया। इसी के साथ ही सूत्रधार संस्थान आजमगढ़ द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और नुक्कड़ नाटक (बिजली की यात्रा) के माध्यम से ऊर्जा के क्षेत्र में भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा आजादी से अब तक ऊर्जा एवं नवीनीकरण ऊर्जा के क्षेत्र में विकास एवं भविष्य में प्राप्त होने वाली विकास संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया, जो काफी सराहनीय रहा।मुख्य महाप्रबन्धक एनटीपीसी टाण्डा श्री संजय कुमार सिंह ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव आजादी के 75 साल पूरे होने और हमारे देश के महान व्यक्तियों, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए एक पर्व के रूप में मनाने की भारत सरकार की एक पहल है। यह महोत्सव भारत के उन लोगों को समर्पित है, जिन्होंने न केवल भारत की विकास यात्रा को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि जिन्होंने देश को पूरी शक्ति एवं क्षमता से आगे बढ़ाया, जिससे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की आत्मनिर्भर भारत की मूल भावना से भरे इंडिया 2.0 अभियान की अभिदृष्टि को सक्षमता प्राप्त हुई है। उन्होने बताया कि आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत समारोह के एक भाग के रूप में विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा राज्य सरकारों एवं केंद्र सरकार के परस्पर सहयोग से अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें उज्ज्वल भारत, उज्ज्वल भविष्य पावर @2047 के तत्वावधान में विद्युत क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियों को उजागर किया जा रहा है।
महाप्रबन्धक (मा0सं0) एनटीपीसी टाण्डा श्री एसएन पाणिग्राही ने बताया कि विद्युत क्षेत्र की उपलब्धियां (गत 08 वर्ष) के अन्तर्गत वर्ष 2014 में जो उत्पादन क्षमता 2,48,554 मेगावाट थी, वह बढ़कर अब 4,00,000 मेगावाट हो गई है, जो कि हमारी मांग से 1,85,000 मेगावाट अधिक है। भारत अब अपने पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात कर रहा है। पारेषण लाइनों में 1,63,000 सीकेएम वृद्धि की गई है, जो पूरे देश को एक फ्रिक्वेंसी पर चलने वाले ग्रिड से जोड़ती हैं। लद्दाख से कन्याकुमारी तक और कच्छ से म्यांमार की सीमा तक यह दुनिया में सबसे बड़े एकीकृत ग्रिड के रूप में उभरा है। हम इस ग्रिड का उपयोग करके देश के एक कोने से दूसरे कोने तक 1,12,000 मेगावाट विद्युत पहुंचा सकते हैं। हमने कॉप-21 में वादा किया था कि 2030 तक हमारी 40 प्रतिशत उत्पादन क्षमता नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से होगी। हमने तय समय सीमा से 9 वर्ष पूर्व नवंबर 2021 तक यह लक्ष्य हासिल कर लिया है। आज हम नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से 1,63,000 मेगावाट विद्युत का उत्पादन कर रहे हैं। हम विश्व में तेज गति से नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता संस्थापित कर रहे हैं। 2,01,722 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ हमने पिछले पांच वर्षों में 2,921 नए सब स्टेशन का निर्माण, 3,926 सब-स्टेशनों का संवर्धन, 6,04,465 सीकेएम एलटी लाइनों का संस्थापन, 11 केवी की 2,68,838 एचटी लाइनों का संस्थापन, 1,22,123 सीकेएम कृषि फीडरों का फीडर पृथक्करण और संस्थापित करके वितरण अवसंरचना को सुदृढ़ किया है। उन्होने बताया कि वर्ष 2015 में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति का औसत 12.5 घंटे था, जो अब बढ़कर औसतन 22.5 घंटे हो गया है। सरकार ने विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020 बनाए हैं, जिसके तहत नया कनेक्शन प्राप्त करने की अधिकतम समय सीमा अधिसूचित की गई है। रूफ टॉप सोलर को अपनाकर उपभोक्ता अब उत्पादक भी बन सकते हैं। समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जाएगी। मीटर संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए समय-सीमा अधिसूचित की गई है। अन्य सेवाओं के लिए राज्य विनियामक प्राधिकरण समय सीमा अधिसूचित करेगा। उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए डिस्कॉम 24×7 उपलब्धता के कॉल सेंटर स्थापित करेंगे।उन्होने बताया कि वर्ष 2018 में 987 दिनों में गांवों का 100 प्रतिशत का विद्युतीकरण (18,374) का लक्ष्य हासिल किया गया। 18 महीनों में 100 प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण (2.86 करोड़) का लक्ष्य हासिल किया गया। इसे दुनिया के सबसे बड़े विद्युतीकरण अभियान के रूप में जाना गया है। लोगों के लिए सौर पंपों का उपयोग शुरू करने के लिए योजना जिसके तहत केंद्र सरकार 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी और राज्य सरकार 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी। इसके अलावा 30 फीसदी ऋण की सुविधा मिलेगी। इसी के साथ ही लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच साझेदारी की भूमिका पर प्रकाश डाला गया और राज्य की विशिष्ट उपलब्धियों का उल्लेख किया गया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रानी की सराय की बीसी सखी रमावती, कल्पना पाण्डेय, रेशमा, बीना, सुचिता देवी, सुमन, प्रेमा सिंह, सीमा को प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी के साथ ही ग्रामीण मजरों में जर्जर एवं पुराने तारों को बदलने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कार्यदायी संस्था एनसीसी हैदराबाद के रामदास राजपूत एवं रोहित कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।जिलाधिकारी श्री विशाल भारद्वाज द्वारा कार्यक्रम के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अभियन्ता (वितरण) आजमगढ़ क्षेत्र एएन सिंह, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत वितरण मण्डल द्वितीय सैयद अब्बास रिजवी, प्रधानाचार्य एवं डीन राजकीय मेडिकल कालेज आजमगढ़, डॉ0 राम प्रवेश शर्मा, सीनियर मैनेजर एनटीपीसी टाण्डा एसएन पाण्डेय, कनिष्ठ अधिकारी आशुतोष कुमार उपस्थित रहे।

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