August 12, 2022

एक पाली में विद्यालय संचालित होने से जताया रोष

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तीन हजार से अधिक बच्चों के शिक्षा और सुरक्षा पर पड़ेगा गहरा असर

कक्षाओं में क्षमता से अधिक बच्चे मानवाधिकार का हो रहा खुला उल्लंघन- अजय राय

रेणुकूट/संसद वाणी

नगर में स्थित आदित्य बिड़ला इंटरमीडिएट कॉलेज की पढ़ाई एक पाली में किए जाने के विरोध में पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सोनभद्र के जिलाध्यक्ष व समाजसेवी अजय राय विद्यालय के प्रधानाध्यापक से मिलकर नाराजगी जताया। चेताया कि पूर्ववत शैक्षणिक व्यवस्था नहीं किया गया तो विद्यालय प्रबंधन की नीतियों खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। मंगलवार को पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सोनभद्र के जिलाध्यक्ष अजय राय एबीआईसी के प्रधानाचार्य दयानंद शुक्ला से मिलकर स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के समक्ष आ रही परेशानियों से अवगत कराया। कहा कि शिक्षा नियमों के विरुद्ध विद्यालय प्रबंधन कार्य कर रहा है। वर्षों से दो शिफ्ट में संचालित हो रहे विद्यालय को प्रबंधन ने चुपचाप अचानक बिना किसी सूचना के एक पाली में कर दिया। जिससे व्यापक पैमाने पर बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। कक्षा में क्षमता से अधिक बच्चों के बैठाने से छात्र छात्राओं को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। शिक्षा परिषद के मानक के विपरीत एक-एक कक्षा में दोगुना से अधिक बच्चों को पढ़ाया जा रहा है जो सीधे तौर पर मानवाधिकार के नियमों का उल्लंघन है। तीन हजार से अधिक बच्चों को जहां दो पाली में पढ़ाया जाता था अब एक पाली में करने से उनकी शिक्षा और सुरक्षा पर भी सवालिया निशान खड़ा होता है। मुख्यमार्ग के किनारे स्थित विद्यालय में बच्चे जब प्रवेश करते हैं और बाहर निकलते हैं उस वक्त दुर्घटना का भय बना रहता है। विद्यालय के समीप मुख्यमार्ग पर कई बार भीषण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें आसमायिक मौतें भी हुई हैं। अजय राय ने आशंका जताया कि एक पाली में शिक्षा व्यवस्था कर प्रबंधन आने वाले दिनों में गरीब और बाहरी बच्चों के दाखिले पर रोक लगा देगा। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य से निवेदन किया कि वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को प्रबंधन के इशारे पर ध्वस्त नहीं किया जाए। चेताया कि शीघ्र ही विद्यालय को पूर्ववत व्यवस्था के तहत दो पालियों में नहीं किया गया तो प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य दयानंद शुक्ला ने कहा कि शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। दो शिफ्ट में विद्यालय संचालित होने से सभास्थल में होने वाली प्रार्थना देश-विदेश में होने वाली गतिविधियों को बच्चों तक पहुंचाने में परेशानी होता था। विद्यालय शिक्षा परिषद के नियमों का पालन कर बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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