August 9, 2022

आजमगढ़ में 20 जुलाई को चलेगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान।

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आजमगढ़/संसद वाणी

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में जिलास्तरीय अभिमुखीकरण का आयोजन किया गया। जिसमें आगामी 20 जुलाई को जिले के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों एवं समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एक से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेन्डाजोल की गोली खिलाई जायेगी। यह दवा बच्चों को पेट में कृमि को समाप्त करने के लिए दी जाती है।

यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी का

अभियान से सम्बंधित तैयारियां चल रही हैं। 20 जुलाई को जो बच्चे किसी कारणवश दवा खाने से छूट जायेंगे, उनको 25 से 27 जुलाई को मॉपआप राउंड चलाकर दवा खिलाई जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्कूलों में स्वस्थ बच्चों के शरीर में मौजूद कृमि संक्रमण और अधिक न फैले इसके लिए कृमि नाशक एल्बेंडाज़ोल की दवा का सेवन कराया जाता है। पेट में अधिक कीड़े या कृमि होने से उनमें दवा देने पर कुछ बच्चों एवं किशोर-किशोरियों में प्रतिकूल प्रभाव जैसे हल्का चक्कर, थोड़ी घबराहट या उल्टी हो सकती है, जो दो से चार घंटे में स्वतः ही समाप्त हो जाती है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एनडीडी डॉ वाई प्रसाद

दवा के थोड़े प्रतिकूल प्रभाव दिखने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह दवा बिल्कुल सुरक्षित है। दवा को नियमानुसार खाना अनिवार्य है। इस दवा के सेवन न करने से पेट में होने वाले कीड़े या कृमि से बच्चों के शरीर में पोषण की कमी हो जाती है। बच्चे शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर होने लगते हैं। बच्चे के कमजोर शरीर में अनेक बीमारियां जैसे खून की कमी (एनीमिया) इत्यादि होने लगती है। बच्चे को खाली पेट दवा न खिलाएं और 20 जुलाई को बच्चों को कुछ खिलाकर ही स्कूल भेजें।
डीईआईसी/आरबीएसके प्रबंधक डॉ आरिफ जमाल ने बताया कि सभी एक से पांच वर्ष के बच्चों एवं स्कूल नहीं जाने वाले छह से 19 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों को अपने गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों पर इस दवा का सेवन अवश्य करना चाहिये। यह दवाएं हमारे जिले के सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक से 19 वर्ष के बच्चों को भी ध्यान में रख कर अभियान चलाया जा रहा है।इसलिए सभी 19 वर्ष तक के बच्चों को दवा का सेवन अवश्य करना चाहिए। डॉ जमाल ने बताया कि सभी एक से पांच वर्ष के बच्चों एवं स्कूल नहीं जाने वाले छह से 19 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों को अपने गाँव के आंगनबाड़ी केंद्रों पर इस दवा का सेवन अवश्य करना चाहिये। यह दवायें हमारे जिले के सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक से 19 वर्ष के बच्चों को भी ध्यान में रख कर अभियान चलाया जा रहा है। क्योंकि इन बच्चों एवं किशोर-किशोरियों में संक्रमण से खून की कमी होती है, जिससे मानसिक एवं शारीरिक विकास पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जनपद स्तरीय अभिमुखीकरण में जनपद एवं ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आईसीडीएस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। आगामी दिनों में सभी ब्लाकों पर भी कार्यक्रम के संबंध में अभिमुखीकरण किया जायेगा।

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