August 12, 2022

आज़मगढ़ विकास प्राधिकरण में कितनी पारदर्शिता।

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आजमगढ़/संसद वाणी

आज़मगढ़ विकास प्राधिकरण के गठन 2008 में किया गया। इसके अंतर्गत भवन, मकान, प्रतिष्ठान आदि के निर्माण का मानचित्र पास करवाया जाता है उसके बाद निर्माण कार्य होता है। समय समय पर इस विभाग पर भ्रस्टाचार का आरोप लगता रहता है।

विकास प्राधिकरण एक सुनियोजित तरीके से शहर में निर्माण कार्य हो और मकान में हवा रोशनी की समुचित व्यवस्था रहे, इस तरह से मानचित्र को पास करती है, कुछ नियम प्राधिकरण ने तय कर रक्खे है उसी के अंतर्गत नक्शा होना चाहिए, इसकी देखरेख प्राधिकरण करता है। बहुत से लोग नियमो की अनदेखी करते है और निर्माण कार्य कर लेते है जिसके पीछे सुविधा शुल्क कारण बताया जाता है। विभाग पर हमेशा से लोगो के परेशान करने के भी आरोप लगते रहे है। लोग विभाग से पीड़ित भी है उनका आरोप है कि कुछ बाहरी लोग विभाग और निर्माणकर्ता के बीच मध्यस्तता करके धन उगाही करते है। ग्रीन जोन में कुछ घरों को गिरा दिया गया और कुछ को नही, कारण जिनकी सेटिंग हो गयी उनका मकान बच गया। जो पुराने मकान है उनको भी विभाग के लोग परेशान करते है। विकास प्राधिकरण को आज़मगढ़ में स्थापित हुए 14 वर्ष हो गए है। विभाग ने कई मकानों को ध्वस्त भी करवाया है कुछ के निर्माण में रोक भी लगाई। अधिकारी कर्मचारी समय समय पर निगरानी भी करते रहते है कि कोई अवैध निर्माण न होने पाए। जो लोग ये कहते है कि उन्हें जानकारी नहीं थी और उन्होंने गलती से निर्माण करवा उस पर अधिकारी का कहना है कि लोग अपनी गलती छिपाने के लिए गलत बात करते है। जहां तक भ्रस्टाचार की बात है शिकायत मिलने पर हम जांच भी करते है।

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