August 18, 2022

रामनगर पुलिस ने तस्करी कर 16 ऊंटों को पश्चिम बंगाल ले जा रहे तीन आरोपियों को डीसीएम सहित गिरफ्तार किया।

Advertisement
Advertisement

वाराणसी/संसद वाणी

बागपत से तस्करी कर 16 ऊंटों को पश्चिम बंगाल ले जा रहे डीसीएम को रामगनर पुलिस ने मंगलवार को पकड़ा था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इन पकड़े गए ऊंटो को प्रशासन द्वारा रामनगर के टेगरा मोड़ स्थित एक छोटे से हाते के अंदर रखा गया है। अब एनिमल के लिए काम करने वाले एनजीओ ने तस्करों से पकड़े ऊंट को रिजील करने की मांग की है, इनका आरोप है कि मौसम और व्यवस्थाओं के अनुरूप ऊंट का रखरखाव नहीं हो रहा है।आश्रय फॉर सिक & हेल्पलेस एनिमल्स संस्था की आशा सिंह का आरोप है कि छोटे से जगह पर ऊंट को रखा गया है, जहां वे फंसे हुए है और उनको खाने के लिए भूसा डाल दिया गया है, जो बारिश से पूरा गीला हो गया। उनका कहना है कि ऊंट पर उन्होंने स्टडी की है उनका खाने-पीने का यह तरीका नहीं होता वो पत्ते नोचकर और बबूल और काटेदार पत्ते खाते है। उन्हें रहने के लिए एक बड़ी जगह की जरूरत होती है। उन्होंने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों से ही मांग की है कि इन्हें किसी सिरोही में स्थित कैमेल सेंचुरी या भेजा जाए जहां इनका अच्छे से देखभाल हो सके वरना ये ऐसे सर्वाइव नहीं कर पाएंगे।उनका आरोप है कि हम यहां रामनगर थाने में आए है लेकिन पुलिस अधिकारी का कहना है कि हमलोग उन्हें ऐसे नहीं सौंप सकते। उन्होंने आगे बताया कि इसलिए हमलोग अपने साथ एक वकील से बात की जो इस मामले को को कोर्ट में दाखिल करेंगे और वहां इसकी अपील करेंगे।स्वाति बलानी का कहना है कि हमारी मांग है कि इन ऊंटो को कैमेल सेंचुरी भेजा जाए और जल्द से जल्द इन्हें यहां से छोड़ा किया जाए। क्योंकि ये बरसात का मौसम नहीं बर्दाश्त कर सकते। इन्हें रहने के लिए एक बड़ी जगह चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हमें नहीं लगता कि इनकी यहां थाना में सही से देखभाल की जा रही है।

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Previous post राज्य सूचना आयुक्त ने बिजली विभाग के सिविल डिवीजन के अधिशासी अभियंता को सुनवाई के दौरान नहीं पहुंचने पर किया तलब।
Next post बीएचयू की एनएसयूआई इकाई ने सिंह द्वार पर केंद्र सरकार की नई अग्निपथ योजना के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया।