July 1, 2022

जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों पर मनाया गया माहवारी स्वच्छता दिवस

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माहवारी नौ से 13 वर्ष की लड़कियों में होने वाली एक सामान्य हार्मोनल प्रक्रिया

मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर बरतें सतर्कता

वाराणसी/संसद वाणी

महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान कई तरह की चुनौतियों व समस्याओं का सामना करना पड़ता है। माहवारी के दौरान स्वच्छता और साफ-सफाई के प्रति सजग और जागरूकता लाने के लिए हर वर्ष 28 मई को विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया जाता है जिससे उन्हें झिझक छोड़ने और इस बारे में खुलकर बात रखने का मौका मिल सके | इसी जागरूकता के उद्देश्य से जिले के सभी शहरी व ग्रामीण प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर माहवारी स्वच्छता दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि इस दिवस का उद्देश्य समाज में फैली मासिक धर्म संबंधी गलत अवधारणाओं को दूर करना और महिलाओं व किशोरियों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के बारे में सही जानकारी देना है। 28 मई की तारीख निर्धारित करने के पीछे मकसद है कि मई वर्ष का पांचवां महीना होता है। यह अमूमन प्रत्येक 28 दिनों के पश्चात होने वाले स्त्री के पांच दिनों के मासिक चक्र का परिचायक है।
इस मौके पर चिरईगांव पीएचसी की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ मानसी गुप्ता ने बताया कि पीएचसी पर महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के प्रति फैली भ्रांतियों के बारे में जागरूक किया गया | उन्होने कहा कि हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना है, जिसमें हर महिला चाहे वह किशोरी ही क्यों न हो समय पर अपनी निजता, सुरक्षा एवं गरिमा के साथ इस विषय पर खुल कर बात कर सकें । इस दिवस को मनाने के पीछे मुख्य कारण है कि लड़कियां और महिलाएं मासिक धर्म को लेकर जागरूक होने के साथ ही इस विषय पर खुलकर अपनी बात रखें। मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहें, जिससे उन्हें किसी भी तरह के घातक संक्रमण का शिकार न होना पड़े। महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के प्रति फैली भ्रांतियों के बारे में जागरूक किया गया |
चोलापुर सीएचसी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी शिखा श्रीवास्तव ने कहा कि मासिक धर्म के बारे में बताने वाली सबसे अच्छी जगह स्कूल हैं। यहां इस विषय को यौन शिक्षा और स्वच्छता से जोड़कर चर्चा की जा सकती है। वह कहती हैं कि घर में बच्चियों की मां भी इस बारे में अपनी सोच बदलें। इस बारे में बेटियों को ठीक से बताएं, जिससे बेटियों को किसी के सामने शर्मिंदा न होना पड़े।
इन बातों का रखें ख्याल –
• घर में रखे पुराने गंदे कपड़े का प्रयोग न करें। इससे संक्रमण का खतरा रहता है।
• छः घंटे के अंतराल पर सैनिटरी नैपकिन बदलना चाहिए।
• समय-समय पर गुप्त अंगों की सफाई करती रहें।
• पीरियड्स के समय कई बार शरीर में दर्द होता है इसलिए गर्म पानी से नहाएं।
• अपने बिस्तर की सफाई का ध्यान रखना चाहिए। समय-समय पर बेडशीट बदलती रहें।
• अगर यात्रा पर हैं और शौचालय जाना हो तो सफाई वाली जगह पर जाएं।
• खान-पान का रखें ख्याल। सुपाच्य आहार का सेवन करें।

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