July 6, 2022

स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रीय कारागार में आयोजित किया तीन दिवसीय स्क्रीनिंग शिविर

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1558 बंदियों की हुई मधुमेह, उच्च रक्तचाप, टीबी की जांच

मानसिक स्वास्थ्य, तम्बाकू निषेध एवं नशा मुक्ति के लिए दिया गया परामर्श

वाराणसी/संसद वाणी

गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंर्तगत स्वास्थ्य विभाग ने शिवपुर स्थित केंद्रीय कारागार में तीन दिवसीय स्क्रीनिंग, जांच और परामर्श शिविर लगाया। यह शिविर 25 से 27 मई तक लगाया गया। जिसमें कारागार के 1558 बंदियों की मधुमेह, टीबी, उच्च रक्तचाप एवं मानसिक रोग की जांच की गई। इसके साथ ही सभी बंदियों को तम्बाकू सेवन न करने और नशा मुक्ति के लिए परामर्श भी दिया गया।
तीन दिवसीय शिविर कारागार के उप महानिरीक्षक अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व और कारागार के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अशोक कुमार एवं चिकित्साधिकारी डॉ अभिषेक सिंह की देखरेख में आयोजित किया गया। गैर संचारी रोग नियंत्रण के सह नोडल अधिकारी डॉ अतुल सिंह ने बताया कि जिले में संचालित तंबाकू नियंत्रण अभियान के अंर्तगत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी के निर्देश पर केंद्रीय कारागार में तीन दिवसीय स्क्रीनिंग व परामर्श शिविर लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल जिला सलाहकार डॉ सौरभ प्रताप सिंह, लैब टेक्नीशियन गौरव कुमार सिंह, काउंसलर सौरव सिंह, साइकोलॉजिस्ट अजय कुमार श्रीवास्तव, सुपरवाइजर शिव कुमार सोनकर, टीबी स्वास्थ्य विजिटर नवीन श्रीवास्तव, टीबी एसटीएलएस कमलेश राय, साइकोलॉजिस्ट डॉ रविन्द्र कुशवाहा, लॉजिस्टिक सलाहकार प्रमोद कुमार सिंह, आईसीटीसी काउंसलर अरविंद सिंह, स्टाफ नर्स अमन राय ने सभी बंदियों की जांच की। इसके साथ ही उन्हें उचित स्वास्थ्य के बारे में परामर्श भी दिया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ अशोक कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित किये गए तीन दिवसीय शिविर में सभी 1558 बंदियों की मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तंबाकू सेवन, मानसिक रोग एवं क्षय रोग की जांच की गई, जिसमें से एक बंदी में क्षय रोग के संभावित लक्षण पाए गए जिसका सैंपल जांच के लिए भेजा दिया है। इसके अतिरिक्त 75 बंदियों को मानसिक रोग परामर्श दिया गया।
जिला सलाहकार डॉ सौरभ प्रताप सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चौकाघाट स्थित जिला कारागार में पहले और तीसरे शनिवार को एवं शिवपुर स्थित केंद्रीय कारागार में दूसरे एवं चौथे शनिवार को सभी बंदियों की स्क्रीनिंग व परामर्श दिया जाता है। इसके अलावा साल में तीन बार केंद्रीय कारागार में तीन दिवसीय वृहद स्क्रीनिंग कैंप लगाया जाता है।

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