July 6, 2022

स्तनपान व पोषण प्रबंधन के लिए ‘पोषण पाठशाला’ 26 मई को

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कार्यक्रम की मुख्य धीम “शीघ्र स्तनपान – केवल स्तनपान”

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विभागीय अधिकारी व विशेषज्ञ करेंगे चर्चा

जनमानस व लाभार्थियों से की अपील – अधिक संख्या में जुड़ें लोग

वाराणसी/संसद वाणी

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा जन-मानस एवं लाभार्थियों को विभाग की सेवाओं के सम्बन्ध में जागरूक करने के लिए वाराणसी सहित प्रदेश भर में 26 मई को ‘पोषण पाठशाला’ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम की मुख्य धीम “शीघ्र स्तनपान-केवल स्तनपान” निर्धारित की गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह ने बताया कि शासन से प्राप्त निर्देश के क्रम में आईसीडीएस विभाग की ओर से प्रथम “पोषण पाठशाला” का आयोजन 26 मई (बुधवार) को अपरान्ह 12 से दो बजे के मध्य एन०आई०सी० के माध्यम से वीडियों कॉन्फेसिंग द्वारा किया जायेगा । पोषण पाठशाला में विभागीय अधिकारियों के अतिरिक्त विषय विशेषज्ञों की ओर से ‘शीघ्र स्तनपान – केवल स्तनपान’ की आवश्यकता, उपयोगिता, विभाग की सेवाओं, पोषण प्रबन्धन, कुपोषण से बचाव के उपाय, पोषण शिक्षा आदि के सम्बन्ध में हिन्दी में विस्तार से चर्चा की जायेगी । वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लाभार्थियों व अन्य द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर दिया जायेगा । इस कार्यक्रम का लाइव वेब-कॉस्ट भी किया जायेगा, जिसकी वेब लिंक mailto:https://webcast.gov.in/up/icds है। इस लिंक के माध्यम से कोई भी लाभार्थी एवं आम जनमानस कार्यक्रम से सीधे जुड़ सकते हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने “पोषण पाठशाला” के आयोजन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश समस्त विकास खंड परियोजना व नगर विकास परियोजना के बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ), मुख्य सेविकाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को जारी कर दिये हैं। उन्होने निर्देशित किया कि जिन प्रतिभागियों या लाभार्थियों को प्रश्न पूछना है, उनकी सूची पूर्व में तैयार कर लें तथा उन्हें एनआईसी में अनिवार्य रूप से बुलाया जायेगा, क्योंकि एनआईसी के माध्यम से ही प्रश्न पूछा जा सकता है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की आशा व आशा संगिनी भी वेब लिंक के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़ेंगी। समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा अपने केन्द्र पर पंजीकृत अन्तिम त्रैमास की गर्भवती एवं धात्री माताएं एवं उनके अभिभावक की उपस्थिति सुनिश्चित की जायेगी। जो लाभार्थी किसी कारण से केन्द्र पर नहीं आ पायेंगे , वह यथा सम्भव अपने घरों से वेब लिंक के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़ेगें यदि उनके पास स्मार्ट फोन की सुविधा उपलब्ध होगी। समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने केंद्र पर कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए उनके सरकारी मोबाइल पर केंद्रीकृत व्यवस्था (एमडीएम) से लिंक भेज दिया गया है।
डीपीओ ने बताया कि वर्तमान में जनपद में कुल 3914 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें नगर में 991 एवं ग्रामीण में 2923 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। पोषण पाठशाला के आयोजन के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एक आंगनबाड़ी केंद्र से कम से कम 15 लाभार्थी को जोड़ना सुनिश्चित करेंगी। उन्होने जनमानस एवं लाभार्थियों से अपील की है कि पोषण पाठशाला की लिंक से ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ें और पोषण व स्तनपान के बारे में उपयुक्त जानकारी प्राप्त करें।

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