July 6, 2022

लोक निर्माण विभाग की 100 दिनों की कार्ययोजना प्राप्त कर सभी सीडीओ टाइमिंग फिक्स करें: मण्डलायुक्त

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मण्डलीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कई कार्यों की प्रगति सन्तोषजनक नहीं, मण्डलायुक्त ने जताई नाराजगी

आज़मगढ़/संसद वाणी

मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने शुक्रवार को अपने कार्यालय के सभागार में आयोजित शासन की सर्वोच्च विकास प्राथमिकाओं से सम्बन्धि कार्यक्रमों एवं कर करेत्तर वसूली एवं अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा जनपदवार 100 दिनों की जो कार्ययोजना तैयार की गयी है उसे प्राप्त कर सम्बन्धित कार्यों को पूर्ण करने हेतु टाइमिंग फिक्स करें। उन्होंने कहा कि टाइमलाइन आगामी बरसात के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए बनाई जाय। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य पूर्ण करने के लिए जो समयावधि निर्धारित की जाये, यथासंभव प्रयास कर कार्य को पहले ही पूर्ण कर लें। उन्होंने आगाह किया कि यदि निर्धारित अवधि में कार्य अपूर्ण रह जाता है तो बाद में बारिश का कोई इश्यू नहीं सुना जायेगा, बल्कि सीधे तौर पर सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जायेगी। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने मण्डल के जनपदों में निर्माणाधीन सेतुओं की समीक्षा के दौरान कहा कि यदि पहुंच मार्ग हेतु भूमि का कोई प्रकरण लम्बित है तो तत्काल उसका निराकरण करा लें। उन्होंने उप परियोजना प्रबन्धक, सेतु निगम को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन सेतुओं के कार्यों में और तेजी लायें। सेतु निगम द्वारा अवगत कराया गया कि गढ़वल पुल में बिजली के पोल अभी तक शिफ्ट नहीं हुए है। मण्डलायुक्त ने इस सम्बन्ध में मुख्य अभियन्ता, विद्युत को तत्काल कार्यवाही कराने का निर्देश दिया।मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने स्वास्थ्य विभाग से सम्बन्धित कार्यों की समीक्षा में पाया कि आशाओं द्वारा भरे जाने वाले एचबीएनसी फार्मेट की छपाई जनपद आज़मगढ़ एवं बलिया में विगत कई माह से लम्बित है, जिससे आशाओं का अनाश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। यूनिसेफ के प्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया कि तीनों जनपद में बहुत कम आशाओं के पास थर्मामीटर उपलब्ध है, तीनों जनपदों सीएचसी एवं पीएचसी पर भी थर्मामीटर के साथ कई उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा प्रधानमन्त्री सुरक्षित मातृत्व लाभ योजना सहित कई अन्य कार्यक्रमों की प्रगति भी काफी खराब है, आज़मगढ़ एवं बलिया में आशाओं की ट्रेनिंग नहीं हुई है। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने इस स्थिति पर असन्तोष व्यक्त करते हुए एचबीएनसी फार्मेट की तत्काल प्रिन्टिंग कराने के साथ ही कतिपय कार्यों को इंगित करते हुए आगामी बैठक तक अपेक्षित सुधार लाने का निर्देश दिया तथा तीनों जनपद के सीएमओ को आगाह किया कि यदि इंगित बिन्दुओं पर तत्समय तक सुधार नहीं पाया जाता है तो सम्बन्धित सीएमओ के विरुद्ध नॉट फिट फार सीएमओ की संस्तुति शासन को भेज दी जायेगी। मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि वर्तमान में आज़मगढ़ में 38 हजार, मऊ में 32 हजार एवं बलिया में 30 हजार मनरेगा मजदूर लगाये गये हैं। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने कहा कि मऊ के सापेक्ष आज़मगढ़ एवं बलिया में कम मजदूर लगाये गये हैं, इसे और बढ़ाया जाये। उन्होंने तीनों जनपदों के सीडीओ को निर्देश दिया कि मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों का निरन्तर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत कार्य कराये जाने हेतु समय अनुकूल है, इसलिए अधिक से अधिक मजदूर लगाकर कार्य करायें ताकि लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित हो सके। मण्डलायुक्त ने बाढ़ नियन्त्रण एवं नहरों की सिल्ट सफाई के समीक्षा के दौरान कहा कि सिल्ट सफाई के सम्बन्ध में कतिपय स्तरों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस सम्बन्ध में उन्होंने अधीक्षण अभियनता, डेªनेज मण्डल को निर्देशित किया कि कार्ययोजना के अनुसार सिल्ट सफाई का लक्ष्य, उसके सापेक्ष प्रगति, अवशेष को पूर्ण करने हेतु निर्धारित समय सीमा आदि का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने बाढ़ नियन्त्रण के सम्बन्ध में आगाह किया कि जहॉ गत वर्षों में बाढ़ हाई थी यदि इस वर्ष वहॉं बाढ़ आती है तो सम्बन्धित का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो अधिकारी जहॉं तैनात वहीं रात्रि विश्राम करना सुनिश्चित करें। सभी कार्यालयों में साफ सफाई होना आवश्यक है। उन्होंने कार्यालयों में मूवमेन्ट रजिस्टर एवं मुलाकाती रजिस्टर को भी अनिवार्य रूप से बनाये जाने पर जोर दिया। कर करेत्तर वसूली एवं अन्य राजस्वों की समीक्षा के दौरान मण्डल के तीनों जनपदों में 10 बड़े बकायेदारों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं किये जाने पर मण्डलायुक्त श्री पन्त ने नाराजगी व्यक्त किया तथा निर्देश दिया कि बड़े बकायेदारों से वसूली में शिथिलता और लापरवाही बरतने वसूली अमीनों के विरुद्ध कार्यवाही की जाय। इसी प्रकार परिवहन वसूली कम मिलने पर मण्डलायुक्त श्री पन्त ने असन्तोष व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि जनपदों में तत्काल प्रवर्तन कार्यों को बढ़ाया जाय। इसके साथ ही उन्होंने तहसीलों में मुख्य देयों सम्बन्धी पत्रावलियों रख रखाव को तत्काल दुरुस्त कराने हेतु अपर जिलाधिकारियों को निर्देशित किया।बैठक में जिलाधिकारी आज़मगढ़ विशाल भारद्वज, जिलाधिकारी मऊ अरुण कुमार, जिलाधिकारी बलिया इन्द्र विक्रम सिंह, अपर आयुक्त/संयुक्त विकास आयुक्त हंसराज, सीडओ आज़मगढ़ आनन्द कुमार शुक्ला, सीडीओ मऊ रामसिंह वर्मा, वन संरक्षक डा. बीसी ब्रम्हा, अपर जिलाधिकारी आज़मगढ़ एबी सिंह, अपर जिलाधिकारी मऊ भानु प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी बलिया राजेश सिंह, डीडीओ बलिया रजित राम मिश्र, मुख्य अभियन्ता, लोनिवि विनोद कुमार श्रीवास्तव, मुख्य अभियन्ता, विद्युत एएन सिंह, सीएमओ आज़मगढ़ डा.आईएन तिवारी, सीएमओ मऊ डा. एसएन दूबे, सीएमओ बलिया डा.एनके पाण्डेय सहित अन्य मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारी उपस्थित थे।

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