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Friday, December 2, 2022

पीएमएसएमए दिवस पर हुई 3467 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच

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आजमगढ़/संसद वाणी

संवाददाता:-राकेश वर्मा आजमगढ़

बेहतर स्वास्थ्य व पोषण के साथ परिवार नियोजन के लिए मिला परामर्श

आजमगढ़ में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस (पीएमएसएमए) का आयोजन शुक्रवार को जिले के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर किया गया। इस दिवस पर मुख्य रूप से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से इस दिवस का आयोजन किया जाता है। यह कहना है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी का| 
डॉ तिवारी ने बताया कि इस दौरान जिले में 3467 गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की गई, जिनमें से 123 महिलाएं उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) के लिए चिन्हित की गई। यह दिवस हर माह की नौ तारीख को मनाया जाता है।इस दिवस पर पहली बार गर्भवती हुई महिलाओं को सरकार की ओर से संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ दिया गया। इस मौके पर संस्थागत प्रसव सुविधा, परिवार नियोजन की सेवाओं के साथ पोषण के प्रति जागरूक भी किया गया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ संजय कुमार ने कहा कि इस दिवस पर हर गर्भवती अपने प्रसव तक हर महीने की नौ तारीख को अपने घर के पास के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर नि:शुल्क जांच और इलाज करा सकती हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए जिले के किसी भी अस्पताल में पंजीकरण करा सकती हैं, गर्भवती को स्वास्थ्य सुविधाएं केवल शहर में ही नहीं बल्कि गांव में भी हर सुविधा दी जा रही है। इस योजना का लाभ गर्भावस्था से लेकर प्रसव पश्चात जच्चा–बच्चा की सुरक्षा के लिए भी दिया जा रहा है। जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता दिनेश कुमार ने बताया कि इस दिन हर गर्भवती की पाँच जांच यथा ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन जांच और अल्ट्रासाउंड नि:शुल्क किया जाता है। उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा केन्द्रों पर रेफर किया जाता है। गर्भवती के खतरे के लक्षण जैसे गर्भवस्था के दौरान तेज बुखार, त्वचा का पीलापन, हाथ, पैरों व चेहरे पर सूजन, दौरे पड़ना, उच्च रक्तचाप, तेज सिरदर्द व धुंधला दिखना, योनि से रक्तश्राव होना इत्यादि हैं| यदि कोई भी जोखिम वाली स्थिति की संभावना हो तो उससे बचाने के लिए समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके और जच्चा व बच्चा की जान को समय रहते बचाया जा सके। गाँव पिचरी निवासी 27 वर्षीय मनीषा ने कहा कि मेरी पहली गर्भावस्था की जांच हुई है, पाँचवा महीना चल रहा है। डॉक्टर ने खून की कमी बताई है जिसके लिए दवा के साथ-साथ हरी साग-सब्जी व अंकुरित अनाज खाने की सलाह दी है। गाँव तिर्मा निवासी 28 वर्षीय राधिका ने बताया कि उनकी गर्भवस्था के छठवें महीने की जांच हुई। डॉक्टर ने आराम करने व दूध और ज्यादा से ज्यादा फल व हरी-सब्जी खाने की सलाह दी है। नियमित जांच के लिए अस्पताल आने के लिए भी कहा गया है|

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